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Saturday, 22 April 2017

राष्ट्रीय परिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण ( चरण- 4 )

राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य वचन पूरे देश में परिवार के प्रतिनिधि नमूने के आधार पर किया जाने वाला एक सर्वेक्षण है जो कई चरणों में होता है वर्ष 1993 93 में पहली बार यह सर्वेक्षण हुआ था अब तक चार सर्वेक्षण हो चुके हैं प्रजनन नवजात शिशु परिवार नियोजन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पोषण तथा परिवार नियोजन और स्वास्थ सेवाओं के उपयोग कैसे बिंदुओं पर देश और राज्य स्तर पर सूचनाएं जुटाई जाती हैं बस 2015 16 के नाम पर सर्वोच्च में पहली बार जिला स्तर के आंकड़े भी उपलब्ध कराए गए हैं इस में पहली बार सर्विस सात केंद्र शासित प्रदेशों को भी शामिल किया गया है इस सर्वेक्षण को 20 जनवरी 2015 और 4 दिसंबर 2016 के बीच पूरा किया गया जिसमें देश के अलग अलग हिस्से में 14 एजेंसीयों ने 601509 परिवारों की सूचना एकत्रित किए इस अध्ययन में 699686 महिलाएं तथा 103525 पुरुष शामिल हुए​।

28 फरवरी 2017 को जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के चौथा चरण में उल्लेखित आंकड़ों के अनुसार 2015 16 में जन्म के समय दर्ज होने वाला राष्ट्रीय लिंग अनुपात 919 रही। 2005 -06जारी राष्ट्रीय परिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण में दर्ज (914) लिंगानुपात के मुकाबले बेहतर है।

यहां आंकंड़े सर्वेक्षण 2015 16 तक के आंकड़ों पर आधारित है और पिछला राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2005 मेंं क्या गया था।
जन्म के समय सर्वश्रेष्ठ लिंग अनुपात केरल में 1047 दर्ज किया गया जबकि इसके बाद क्रमशः मेघालय 1009 और छत्तीसगढ़ 977 का स्थान रहा।वही कम लिंगानुपात वाले राज्य हरियाणा में भी लिंग अनुपात 10 साल के 762 के मुकाबले सुधर कर 836 रहा।
शिशु मृत्यु दर 2005 6:00 के 57 से घटकर 41 प्रतिशत हो गई खास बात यह रही कि पिछले एक दशक में देश में लगभग सभी राज्यों में शिशु मृत्यु दर में गिरावट दर्ज की गई।

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