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Saturday, 23 September 2017

कोच के धनुष से करता था प्रैक्टिस, लोन लेकर पिता ने तीर दिए, बेटा वर्ल्ड कप तक पहुंचा


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रांची (झारखंड)। यहां के बीजूपाड़ा का तीरंदाज अनुज कुमार गुप्ता इंटरनेशनल लेवल के टूर्नामेंट में भारतीय टीम काे रिप्रजेंट करेगा। अनुज का चयन यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए इंडियन टीम में हुआ है। यह चैंपियनशिप दो से आठ दिसंबर तक अर्जेंटीना के रोसारियो में खेला जाएगा। अनुज फिलहाल हरियाणा में चल रहे भारतीय टीम के कैंप में शामिल है।

संघर्षों से भरा रहा है इस प्लेयर का सफर...

- अनुज का यहां तक का सफर बेहद कठिन आैर परिश्रम भरा रहा है। 2010 में अनुज का चयन साई सैग सेंटर रांची में हुआ, लेकिन उसके परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे अपने होनहार बेटे के लिए धनुष खरीद सकें।

- साई में अभ्यास के दौरान अनुज ने साथी खिलाड़ियों के धनुष से प्रैक्टिस करना शुरू किया। कोच ने रुपेश की गरीबी आैर उसके खेल से प्रभावित होकर अपना धनुष उसे दे दिया।

- फिर क्या था, धनुष मिलने से उत्साहित अनुज ने फिर कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा और लगातार सफलता की सीढ़ियां चलते हुए आज इस मुकाम तक पहुंचा। हर रोज अनुज पांच से छह घंटे तक प्रैक्टिस करता था।

पिता ने ग्रामीण बैंक से लोन लेकर धनुष खरीदा
- अनुज ने बताया कि उसने बहुत ही गरीबी में प्रैक्टिस की। पिता प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं। लेकिन पिता ने ग्रामीण बैंक से लोन लेकर 30 हजार रुपए में एक सेट तीर-धनुष खरीदा।

- इसमें 12 तीर थे। इस वर्ष अनुज की नौकरी बिहार रेजिमेंट दानापुर में हुई है। अनुज का अगला निशान अब सीनियर इंडियन टीम में जगह बनाना है।

2013 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीता पदक
- धनुष मिलने के बाद अनुज ने 2013 असम में जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में कंपाउंड में सिल्वर मेडल जीता। 2014 में हरियाणा में सब जूनियर नेशनल आैर 2016 में जमशेदपुर में जूनियर नेशनल में गोल्ड जीता।

- 2014 में अनुज का धनुष टूट गया, तब जमशेदपुर के अंतरराष्ट्रीय कोच हरेंद्र उसका सहारा बने। हरेंद्र ने अपना धनुष अनुज को गिफ्ट कर दिया।
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