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Sunday, 29 October 2017

मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना का हाल, 1000 परिवार को नहीं मिल रहा सर्टिफिकेट





धनबाद: मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना से जुड़े एक हजार परिवार खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं. पोस्ट ऑफिस की ओर से इन परिवार वालों को कोई सर्टिफिकेट नहीं मिला है. जबकि ये परिवार अपनी बेटियों के खाते में पैसा जमा करवा रहे हैं. हर दिन परिवार के लोग कभी प्रखंड कार्यालय तो कभी डाक घर का चक्कर काट रहे हैं. परिवारों को कहना है कि योजना से जुड़े एक भी कागजात उनके पास नहीं है, इस कारण आगे किसी भी प्रकार से क्लेम करने में परेशानी हो सकती है. बता दें कि इस बार लाडली योजना से जुड़े कई कागजात व फार्म बदल गये हैं. ऑन लाइन व्यवस्था के कारण समय पर न यह अपलोड हो रहा है, न सर्टिफिकेट बनकर आ रहा है.

ऑन लाइन व्यवस्था में भी मैनुअल सा हाल : समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत चलने वाली मुख्यमंत्री लाडली योजना में परिजनों को हमेशा परेशानी का सामना करना पड़ा है. पहले मैनुअल व्यवस्था थी, तो तीन-तीन वर्ष तक सर्टिफिकेट नहीं मिल पाता था. अब ऑन लाइन व्यवस्था में भी समय पर सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहा है.

बाल विकास परियोजना कार्यालय धनबाद से तीन वर्षों में 1275 परिवार योजना के लिए चुने गये. वर्ष 2012-13 में 478, वर्ष 2013-14 में 388 और वर्ष 2014-15 में 409 लड़कियों को योजना में जोड़ा गया. वर्ष 2015-16 में इसकी संख्या चार सौ के आसपास है. पूरे जिले में लगभग एक हजार सर्टिफिकेट नहीं बने हैं.

जानें लक्ष्मी योजना को
झारखंड सरकार ने वर्ष 15 नवंबर 2011 में मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना की शुरुआत की थी. पोस्ट आफिस में डाक जमा योजना के तहत लड़की का खाता सरकार खोलती है. जन्म से लेकर पांच वर्षों तक प्रत्येक वर्ष छह हजार रुपये सरकार खाता में जमा करती है. इस तरह से पांच वर्षों में तीस हजार हो जाते हैं. कक्षा छह में जाने पर दो हजार, कक्षा नौ में जाने पर चार हजार, 11वीं में जाने पर साढ़े सात हजार, 11-12वीं में प्रत्येक माह दो सौ रुपये, 21 वर्ष होने पर एक लाख आठ हजार रुपये दिये जाते हैं.

डाकघर से थोड़ी परेशानी हो रही है, हालांकि जो भी समस्या आ रही हैं, उसे एक सप्ताह में दूर कर दिया जायेगा. इस संबंध में पोस्ट ऑफिस से बात हुई है.
हेमा प्रसाद, समाज कल्याण पदाधिकारी, धनबाद

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