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Tuesday, 17 October 2017

आधार लिंक न होने से राशन नहीं मिला, भूख से बच्ची की मौत: मां का आरोप

लापरवाही:'आधार कार्ड' की वजह से झारखंड में 11 साल की बच्ची ने भूख से तड़पकर तोड़ा दम

आधार लिंक न होने से राशन नहीं मिला, भूख से बच्ची की मौत: मां का आरोप


सिमेडेगा (झारखंड). झारखंड में एक गरीब मां ने आरोप लगाया है कि राशन कार्ड और आधार लिंक नहीं था, इसलिए उसे पीडीएस कोटे से अनाज नहीं दिया गया। ऐसे में भूख से उसकी 11 साल की बच्ची संतोषी की मौत हो गई। मंगलवार को यहां आए सीएम रघुवर दास ने इस मामले में 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। साथ ही डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन को विक्टिम फैमिली को 50 हजार रुपए की मदद देने का ऑर्डर दिया है।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा- मलेरिया से हुई मौत

- सीएम ने मीडिया में आ रही बच्ची की मौत की खबरों पर डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन से सवाल किया।

- इस पर डिप्टी कमिश्नर मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि बच्ची की मौत मलेरिया से हुई है। तीन मेंबर वाली कमेटी से मामले की जांच कराई जा रही है।

- सीएम ने पूरे मामले की दुबारा जांच के ऑर्डर दिए और कहा है कि 24 घंटे के अंदर इसकी रिपोर्ट दी जाए।

क्या है मामला?

- मामला सिमडेगा जिले के जलडेगा ब्लॉक स्थित पतिअंबा पंचायत के गांव कारीमाटी का है। 

- पिछड़े समुदाय से आने वाली कोयली देवी के मुताबिक, उसकी बेटी ने 4 दिन से कुछ भी नहीं खाया था। घर में मिट्‌टी का चूल्हा था, लकड़ियां थीं, लेकिन बनाने के लिए राशन नहीं थे। 

- उसने बताया कि 28 सितंबर की दोपहर भूख की वजह से संतोषी के पेट में तेज दर्द होने लगा। उसे गांव के ही वैद्य को दिखाया था। संतोषी ने कहा था कि भूख लगी है, कुछ खा लूंगी तो पेट दर्द ठीक हो जाएगा। 

- कोयली देवी ने कहा कि रात करीब 10 बजे बेटी भात-भात कहकर रोने लगी। उसके हाथ-पैर अकड़ गए थे। उसके बाद मैंने चायपत्ती और नमक मिलाकर काढ़ा बनाया और बेटी को पिलाना चाहा, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।

आठ महीने से नहीं मिल रहा था राशन

- बच्ची की मां का आरोप है कि गांव के डीलर ने पिछले आठ महीनों से उसे राशन देना बंद कर दिया था, क्योंकि उसका राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं हो पाया था। 

- संतोषी के पिता लाचार और बीमार हैं। उसकी मां कोयली देवी दातून बेचकर परिवार चलाती है।

अफसर से की शिकायत, लेकिन नहीं मिला राशन

- इधर इलाके के सामाजिक संगठन डिप्टी कमिश्नर के दावे को सिरे से नकार रहे हैं। उनके मुताबिक, 27 सितंबर को संतोषी को बुखार था ही नहीं, तो फिर उसे मलेरिया कैसे हो सकता है।

- उनका कहना है कि कोयली देवी ने डिप्टी कमिश्नर से राशन न मिलने की शिकायत 21 अगस्त और 25 सितंबर को की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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