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Wednesday, 29 August 2018

आयुष्मान मित्र कौन हैं?

यह एक केंद्रीय सरकार की योजना है जिसके तहत पांच साल के दौरान रोजगार के करीब 10 लाख अवसर पैदा होंगे यानी बेरोजगार युवकों को रोजगार दिया जाएगा. सरकारी और निजी अस्पतालों में सीधे तौर पर एक लाख आयुष्मान मित्र तैनात किए जाएंगे अर्थात नौकरी दी जाएगी. इससे रोजगार की तरफ बढ़ावा मिलेगा. ऐसा कहा जा रहा है कि इस वर्ष 20 हजार के करीब आयुष्मान मित्र तैनात कर दिए जाएंगे.

इस योजना के तहत नौकरी करने वाले युवाओं को 15,000 महिना वेतन दिया जाएगा. इसके अलावा इस योजना के लागू होने के बाद डॉक्टर, नर्स, स्टाफ, टेक्नीशियन जैसे कुछ अन्य पदों पर भी नौकरियों के भी अवसर बनेंगे. क्या आप जानते हैं कि देशभर में इस योजना से 20 हजार अस्पताल जोड़े जा रहे हैं. इतना ही नहीं आयुष्मान मित्रों को हर लाभार्थी पर 50 रूपये इंसेंटिव भी मिलेगा.

आयुष्मान मित्र से जुड़े काम

- आयुष्मान भारत पोर्टल की जानकारी हासिल करना.

- ऐसे सॉफ्टवेयर पर काम करना जो मरीजों को लाभ देने के लिए तैयार हो रहे हैं.

- QR कोड के अनुसार लाभार्थी के पहचान की सत्यता जांचनी होगी.

- मरीज के इलाज की जानकारी उस अस्पताल में देनी होगी जहां उसका इलाज होना होगा.

- स्टेट एजेंसी को मरीज के डिस्चार्ज होने के बाद जानकारी देनी होगी.

आयुषमान भारत एक कार्यक्रम के रूप में सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में दो प्रमुख घोषणाएं की थी. इसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल प्रणालियों में, समग्र रूप से स्वास्थ्य को संबोधित करने के लिए पथभ्रष्ट हस्तक्षेप करना, बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य प्रचार करना है.

1. स्वास्थ्य और कल्याण सेंटर (Health and Wellness Centre) - राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 ने स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों की भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की नींव के रूप में कल्पना की है. इस योजना के तहत लगभग 1.5 लाख सेंटर स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली लोगों के घरों के करीब लाए जाएंगे. ये केंद्र गैर-संक्रमणीय बीमारियों और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं सहित व्यापक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करेंगे. ये केंद्र मुफ्त आवश्यक दवाएं और नैदानिक सेवाएं भी प्रदान करेंगे. बजट में इस प्रमुख कार्यक्रम के लिए 1200 करोड़ आवंटित किए गए हैं.

2. राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना (National Health Protection Scheme) - आयुषमान भारत के तहत दूसरा प्रमुख कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना है, जिसमें 10 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवार (लगभग 50 करोड़ लाभार्थी) शामिल होंगे जिन्हें प्रति वर्ष 5 लाख रुपए प्रति परिवार तक माध्यमिक और तृतीयक देखभाल, अस्पताल में भर्ती इत्यादि कवरेज प्रदान किया जाएगा. यह दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम होगा.

वित्त मंत्री के अनुसार,  इन दो स्वास्थ्य क्षेत्र की पहल आयुष भारत कार्यक्रम के तहत एक नए भारत 2022 का निर्माण होगा, उत्पादकता बढ़ेगी, मजदूरी हानि और गरीबी को रोक मिलेगी. ये योजनाएं विशेष रूप से महिलाओं के लिए लाखों नौकरियां भी उत्पन्न करेगी.

नई हेल्थकेयर योजना की विशेषताएं:

- यह एक प्रौद्योगिकी संचालित योजना है.

- आयुष्मान भारत एक ऐसी योजना है जिसका उद्देश्य 10 करोड़ परिवारों या लगभग 50 करोड़ भारतीयों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करना है, जिन्हें प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कवर दिया जाएगा.

- यह योजना गरीब, वंचित ग्रामीण परिवारों को लक्षित करती है और नवीनतम सोशल इकोनॉमिक कास्ट सेंकस (SECC) डेटा के मुताबिक, शहरी श्रमिक परिवारों की एक व्यावसायिक श्रेणी, ग्रामीण इलाकों में 8.03 करोड़ और शहरी इलाकों में 2.33 करोड़ की पहचान की गई है.

- इस योजना के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय ने 1,354 पैकेज शामिल किए हैं, जिसके अंतर्गत कोरोनरी बाईपास, घुटने की प्रतिस्थापन और दूसरों के बीच स्टेंटिंग के लिए उपचार केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजनाओं (CGHS) की तुलना में 15 प्रतिशत सस्ती दरों पर प्रदान किया जाएगा.

- प्रत्येक एम्पेनेल्ड अस्पताल में लाभार्थियों और अस्पताल के साथ समन्वय करने वाले मरीजों की सहायता के लिए 'आयुषमान मित्र' होंगे. वे एक सहायता डेस्क चलाएंगे, योजना की पात्रता और नामांकन को सत्यापित करने के लिए दस्तावेजों की जांच भी करेंगे.

- सभी लाभार्थियों को QR कोड वाले पत्र दिए जाएंगे जो कि बेरोज़गारी और योजना के लाभों का लाभ उठाने के लिए पहचान के लिए आयोजित जनसांख्यिकीय प्रमाणीकरण और उसकी पात्रता को सत्यापित करने के लिए होंगे.

- सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि NABH (National Accredation Board for Hospitals and Healthcare Providers) अस्पतालों के लिए इस योजना के तहत सूचीबद्ध होना अनिवार्य नहीं है. हालांकि, NABH / NAQS (National Quality Assurance Standards) मान्यता वाले अस्पतालों को प्रक्रिया और लागत दिशानिर्देशों के अधीन उच्च पैकेज दरों के लिए प्रोत्साहन दिया जा सकता है.

- इस योजना को लागू करने के लिए राज्यों को राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) की आवश्यकता होगी.

- NITI Aayog के साथ साझेदारी में, एक मजबूत, मॉड्यूलर और इंटरऑपरेबल IT प्लेटफॉर्म को परिचालित किया जाएगा जिससे पेपरलेस, कैशलेस लेनदेन किया जा सकेगा.

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