Tuesday, September 21, 2021
HomeTech Newsलद्दाख में चीन की हर हरकत पर नजर रखने वाली भारत की...

लद्दाख में चीन की हर हरकत पर नजर रखने वाली भारत की वो स्‍पेशल फोर्स जिसका हर सैनिक है तिब्‍बती – sports News Hindi Livenow24x7 | Livenow24x7.com

चीन की मिलिट्री ने भारत की स्‍पेशल फ्रंटियर फोर्स (SFF) की तर्ज पर एक खास फोर्स तैयार की है. चीन ने तिब्‍बत के युवाओं वाली एक नई मिलिट्री विंग तैयार की है. इस खास फोर्स को चीन ने लद्दाख के करीब चुंबी घाटी में तैनात किया है. विशेषज्ञों की मानें तो चीन ने भारत के साथ लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर जारी टकराव के बीच ज्‍यादा से ज्‍यादा तिब्‍बती युवाओं की भर्ती शुरू कर दी है.

चीन ने की भारत की नकल

सूत्रों की तरफ से बताया जा रहा है कि तिब्‍बती युवाओं वाले दो बैच अब तक भर्ती किए जा चुके हैं. हर बैच में 100 युवा हैं और इन्‍हें पीपुल्‍स लिब्रेशन आर्मी (PLA) के साथ ही ट्रेनिंग दी गई है.
चुंबी वैली जिसमें याडोंग, चीमा और दूसरे इलाके शामिल हैं, इन जगहों पर तैनात किया गया है. भारत ने बहुत पहले से ही तिब्‍बती के उन युवाओं को मिलाकर स्‍पेशल फोर्स तैयार की हुई है जो चीन की वजह से लद्दाख में रहने को मजबूर हैं. पिछले वर्ष इन्‍हीं युवाओं से लैस इस स्‍पेशल फोर्स ने चुशुल में चीन को धूल चटाई थी.

सन् 1962 के बाद हुई तैयार

भारत ने तिब्‍बती नागरिकों से लैस जो स्‍पेशल फोर्स तैयार की, उसे 7 विकास बटालियन के तौर पर जाना जात है. इस बटालियन का कोड 22 है और कभी-कभी इसे इस्‍टैब्लिशमेट टू-टू भी कहते हैं. इस स्‍पेशल फोर्स में सिर्फ तिब्‍बत के निर्वासित नागरिकों को ही तरजीह दी जाती है. 7 विकास एक स्‍पेशल फ्रंटियर फोर्स (एसएफएफ) है. नवंबर 1962 में चीन के साथ पहली जंग खत्‍म होने के बाद ये स्‍पेशल फोर्स अस्तित्‍व में आई.

सिर्फ तिब्‍बत के लोग शामिल

जिस समय इस फोर्स को गठित किया गया तब इंटेलीजेंस ब्‍यूरो (आईबी) के डायरेक्‍टर बीएन मलिक को इसका पहला मुखिया नियुक्‍त किया गया. आपको जानकर हैरानी होगी कि 22 या 7 विकास में तिब्‍बती नागरिकों को शामिल किया जाएगा, यह फैसला तब अमेरिकी इंटेलीजेंस एजेंसी सीआईए और आईबी ने मिलकर लिया था. यह वह दौर था जब तिब्‍बत में गुरिल्‍ला मूवमेंट जारी था. काफी ऑफिसर्स और जवान तब पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में थे.

क्‍या था इसका मकसद

बीएन मलिक ने तब दलाई लामा के बड़े भाई ग्‍यालो थोंडुप से इनका संपर्क कराया. अगले कुछ माह के अंदर उन तिब्‍बती नागरिकों को इसमें शामिल किया गया जो सन् 1959 के बाद भारत में बतौर शरणार्थी आए थे. तेजी से इनकी संख्‍या बढ़ी और 6,000 से 7,000 तिब्‍बतियों की भर्ती हो गई. उस समय इसका आइडिया तिब्‍बत वापस जाकर उसे चीन के चंगुल से आजाद कराना था. बहुत से युवा तिब्‍बती इसमें शामिल हुए. तिब्‍बत के जानकारों के मुताबिक गठन के बाद भी इसका मकसद पूरा नहीं हो पा रहा था और तिब्‍बत के इस खास बल को कभी चीन के खिलाफ लड़ने का मौका नहीं मिला.

पाकिस्‍तान के खिलाफ भी लड़ाई

इस्‍टैब्लिशमेंट टू-टू ने सन् 1971 की जंग में पाकिस्‍तान के खिलाफ जंग में भी योगदान दिया था. मेजर जनरल सुजन सिंह उबान एसएफएफ के पहले इंस्‍पेक्‍टर जनरल थे. भारतीय सेना ने जब बांग्‍लादेश में ऑपरेशन शुरू किया तो उससे पहले एसएफएफ वहां पर गई थी. 7 विकास कैबिनेट सेक्रेटरी और पीएमओ के तहत आती है. सेना के साथ इसका संपर्क बहुत कम होता है. इस फोर्स में शामिल जवानों को भारत की इंटेलीजेंस एजेंसी रॉ की तरफ से भी ट्रेनिंग दी जाती है. 30 अगस्‍त को पहला मौका था जब गठन के बाद इस फोर्स का प्रयोग चीन को जवाब देने में किया गया था.

कैसे पड़ा इसका नाम

सूत्रों के मुताबिक चीन की परमाणु हथियारों की तैनाती करने की योजना पर नजर रखने के लिए इसका प्रयोग इस समय लद्दाख में हो रहा है. एसएफएफ को इसका नाम इस्‍टैब्लिशमेंट 22 इसके पहले मुखिया फाउंडर मेजर जनरल सुजन सिंह उबान ने दिया था. मेजर जनरल सुजन सिंह वर्ल्‍ड वॉर टू के समय ब्रिटिश इंडियन आर्मी की 22वीं माउंटेन रेजीमेंट को कमांड कर रहे थे. इसका हेडक्‍वार्टर उत्‍तराखंड के चकराता में है और करीब 5,000 कमांडो को पहाड़ों पर लड़ाई के गुर सिखाए जाते हैं. इनके साथ सर्व करने वाली ऑफिसर्स भी इनके बारे में कोई जानकारी किसी से साझा नहीं कर सकते हैं.

गुरुग्राम से क्‍यों और कैसे हिंद महासागर पर नजर रखेंगे यूके के ऑफिसर लेफ्टिनेंट कमांडर स्‍टीफन स्मिथ

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by -. Publisher: sports News Hindi Livenow24x7

Livenow24x7 Newshttps://www.livenow24x7.com
Hey, I’m Er. Kirtan, A electronics & Communication Engineer Working as a Coordinator, and Part-Time Blogger, a Youtuber & Affiliate Marketer, and Founder of Technicalpur.xyz, livenow24x7.com, and YouTube Channel. TechnicalPur is a website that provides you authentic information about SEO, SEM, Blogging, Affiliate marketing, Social Media Marketing, and how to Earn Money through blogging. For Regular Updates Join Us on Telegram Youtube Facebook
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

close