Wednesday, September 22, 2021
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On This Day: भारत ने 1983 वर्ल्ड कप के फाइनल में रखा था कदम, जानिए कौन था जीत का हीरो? – Live News Hindi | Livenow24x7.com

नई दिल्ली. मैनचेस्टर का मैदान, सामने थी इंग्लैंड की मजबूत टीम और मुकाबला था 1983 वर्ल्ड कप (1983 Cricket World Cup) का सेमीफाइनल मुकाबला. आज ही के दिन 38 साल पहले टीम इंडिया ने इस मैच को जीतकर पहली बार वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई थी. 22 जून 1983 को हुए इस मुकाबले में टीम इंडिया ने मेजबान इंग्लैंड (India vs England) को 6 विकेट से मात देकर सभी को सन्न कर दिया था. मैनचेस्टर की खतरनाक पिच पर इंग्लैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 213 रन बनाए और भारत ने ये लक्ष्य 54.4 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल किया.

आपको बता दें इस मैच में सभी क्रिकेट एक्सपर्ट्स को लग रहा था कि जीत मेजबान इंग्लैंड की होगी क्योंकि वो अपने घर की परिस्थिति को जानता था और टूर्नामेंट में जबर्दस्त प्रदर्शन कर रहा था.
वहीं भारतीय टीम एक डार्क हॉर्स की तरह थी जिसने लीग मैचों में वेस्टइंडीज को हराया था. लेकिन लोग उसे तुक्का समझ रहे थे. लेकिन वर्ल्ड कप 1983 के सेमीफाइनल में कपिल देव की टीम ने सभी को गलत साबित किया. सेमीफाइनल में जीत दिलाने का योगदान वैसे तो पूरी टीम को जाता है लेकिन वो संदीप पाटिल (Sandeep Patil) का ताबड़तोड़ अर्धशतक था जिसने भारतीय टीम को आसानी से मंजिल की ओर पहुंचाया.

इंग्लैंड ने चुनी पहले बल्लेबाजी

इंग्लैंड के कप्तान बॉब विलिस ने टॉस जीत पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. ग्रीम फॉलर और क्रिस टैवरी ने इंग्लैंड को सधी शुरुआत दी. दोनों ने पहले विकेट के लिए 69 रन जोड़े लेकिन रॉजर बिन्नी ने पहले टैवरी और फिर फॉलर को आउट कर इंग्लैंड को दो झटके दिये. इसके बाद मोहिंदर अमरनाथ ने डेविड गावर और माइक गैटिंग के बड़े विकेट झटक टीम इंडिया को मैच में ला खड़ा किया. एलेन लैंब को यशपाल शर्मा ने रन आउट कर पैवेलियन की राह दिखाई. वहीं इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर इयान बॉथम कीर्ति आजाद की गेंद पर 6 रन बनाकर निपट गए. फिर बारी आई कप्तान कपिल देव की जिन्होंने इंग्लैंड के लोअर ऑर्डर को समेटने में देरी नहीं की और कुल 3 विकेट अपने नाम किये. 60 ओवर में इंग्लैंड की टीम 213 रन ही बना सकी.मैनचेस्टर की मुश्किल पिच पर सधी हुई बल्लेबाजी

लक्ष्य का पीछा करना कभी भी मुश्किल नहीं होता, खासकर मैनचेस्टर की पिच पर तो बिलकुल नहीं. सुनील गावस्कर और क्रिस श्रीकांत ने टीम को सधी शुरुआत दी. तेज बल्लेबाजी के लिए मशहूर श्रीकांत को भी मैनचेस्टर की पिच पर खेलने में दिक्कत हुई. सुनील गावस्कर को पहले पॉल एलट ने 25 रन पर आउट किया और अगले 4 रनों के अंतर श्रीकांत को बॉथम ने बोल्ड कर दिया. लेकिन इसके बाद मोहिंदर अमरनाथ और यशपाल शर्मा की जोड़ी ने तीसरे विकेट के लिए 92 रनों की अहम साझेदारी कर टीम इंडिया को मैच में ला खड़ा किया. हालांकि मोहिंदर अमरनाथ जैसे ही 46 रन के निजी स्कोर पर आउट हुए उसके बाद मैच में इंग्लैंड की वापसी की उम्मीद जागने लगी क्योंकि मैनचेस्टर की पिच पर बल्लेबाजी इतनी आसान नहीं थी.

फिर दिखी पाटिल की पावर

पांचवें नंबर पर संदीप पाटिल क्रीज पर उतरे और उन्होंने आते ही ताबड़तोड़ चौके लगाकर इंग्लैंड पर धावा बोल दिया. पाटिल ने 32 गेंदों में नाबाद 51 रनों की पारी खेली. वहीं यशपाल शर्मा 61 रन बनाकर आउट हुए. पाटिल के तूफानी अर्धशतक के दम पर टीम इंडिया 1983 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गई.

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